संभल जनपद में शादी के सीजन की शुरुआत के साथ ही घरेलू गैस सिलेंडरों की मांग में तेजी देखी जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) की अनुमति के बाद ही उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति व्यवस्था को नियंत्रित और सुचारू बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।
जानकारी के अनुसार जिले में कुल 39 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनसे लगभग 5 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। इनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ करीब 750 वाणिज्यिक उपभोक्ता भी शामिल हैं। गैस कंपनियों ने जिले में अतिरिक्त आपूर्ति भेजने का आश्वासन दिया है, जिसके तहत प्रतिदिन लगभग 12,500 सिलेंडरों की डिलीवरी की जाएगी।
हालांकि लगभग 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं को गैस प्राप्त करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण ई-केवाईसी अपडेट न होना और उपभोक्ताओं द्वारा मोबाइल नंबर बदल लेना बताया जा रहा है। इस वजह से कई उपभोक्ताओं को ओटीपी प्राप्त करने और बुकिंग प्रक्रिया में कठिनाई हो रही है, जिसके चलते वे लगातार एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं।
संभल की भारत गैस एजेंसी के प्रबंधक अभिषेक गुप्ता ने बताया कि शादी समारोह के लिए गैस सिलेंडर प्राप्त करने हेतु आवेदनकर्ता को बहजोई स्थित DSO कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना होगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद कंपनी स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ती है और संबंधित एजेंसी को आपूर्ति जारी की जाती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओटीपी सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक है और किसी व्यक्ति द्वारा नियंत्रित नहीं होता। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में थोड़ी देरी संभव है, लेकिन बड़े पैमाने पर किसी प्रकार की समस्या नहीं है। डिलीवरी के लिए ग्राहक को केवल ऑथेंटिकेशन कोड देना होता है, जिसके बाद सिलेंडर उपलब्ध कराया जाता है।
एजेंसी प्रबंधक के अनुसार, उनकी इकाई प्रतिदिन लगभग 450 से 500 सिलेंडरों की आपूर्ति कर रही है और बुकिंग के अनुसार नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और व्यवस्था को पारदर्शी एवं नियंत्रित तरीके से संचालित किया जा रहा है।


