संभल
जनपद में ईद के अगले दिन गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। बुकिंग के कई दिनों बाद भी सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि लोग घंटों गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कई परिवारों में गैस खत्म हो जाने के कारण लोगों को लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ गई है।
रविवार को जनपद की 39 गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। जानकारी के अनुसार, 200 से अधिक लोग करीब पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद भी बिना सिलेंडर के लौट गए। वहीं, छोटे बच्चों के साथ पहुंची महिलाओं को भी छह घंटे तक कतार में खड़ा रहना पड़ा। इसके अलावा 100 से अधिक उपभोक्ता ऐसे भी थे जिनकी केवाईसी प्रक्रिया अधूरी होने के कारण उन्हें सिलेंडर नहीं मिल सका, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बावजूद समय पर गैस नहीं मिल रही है। सलारपुर कलां निवासी शकील खान ने बताया कि उन्होंने पांच दिन पहले सिलेंडर बुक किया था, लेकिन अब तक उन्हें गैस नहीं मिली। मजबूरी में उन्हें लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, अन्य उपभोक्ताओं ने भी लगातार एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद गैस न मिलने की शिकायत की।
हालांकि जिला पूर्ति अधिकारी शिवी गर्ग ने दावा किया है कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 12,500 से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है, जबकि लगभग 13,000 सिलेंडरों की बुकिंग हो रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराहट में बार-बार बुकिंग न करें।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि ‘पैनिक बुकिंग’ के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अभिषेक गैस एजेंसी के संचालक ने बताया कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन अधिक बुकिंग के चलते एक-दो दिन की देरी हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर दिया जा रहा है।
इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि आम लोगों को गैस सिलेंडर पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और समय पर गैस उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि त्योहारों और दैनिक जीवन में उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


