कौशांबी। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत जिले में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर अब किसानों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और युवाओं के लिए आय व रोजगार का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। इस सेंटर के माध्यम से अमरूद, दूध और महिला शक्ति को नई पहचान मिलेगी। यहां केवल उत्पाद निर्माण ही नहीं, बल्कि प्रशिक्षण, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की समुचित व्यवस्था की गई है।
रविवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय परिसर में 339.10 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र जिले की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य भी मिल सकेगा।
कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर की प्रोजेक्ट मैनेजर स्वर्णिमा ने बताया कि केंद्र पर खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए यहां तीन अलग-अलग प्रसंस्करण लाइनें स्थापित की गई हैं, ताकि विभिन्न उत्पादों का स्थानीय स्तर पर ही मूल्य संवर्धन किया जा सके।
पहली दुग्ध प्रसंस्करण लाइन की क्षमता एक से दो मीट्रिक टन प्रतिदिन है। इस यूनिट में जिले के दुग्ध उत्पादक किसानों से दूध लेकर पनीर, दही, खोवा, बर्फी और रबड़ी जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे दूध उत्पादक किसानों को स्थानीय बाजार उपलब्ध होगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
दूसरी लाइन बेकरी एवं कन्फेक्शनरी की है, जिसकी क्षमता 250 किलो प्रति घंटा उत्पादन की है। इसमें बिस्किट, ब्रेड, पास्ता और मैकरॉनी जैसे उत्पाद बनाए जाएंगे। वहीं तीसरी जूस एवं अमरूद प्रसंस्करण लाइन की क्षमता 100 किलो प्रति घंटा है, जिसमें अमरूद सहित अन्य फलों से जूस तैयार किया जाएगा। इससे जिले में प्रचुर मात्रा में होने वाले अमरूद को नई पहचान मिलने के साथ-साथ किसानों और महिलाओं की आमदनी में भी इजाफा होगा।


