कन्नौज: कोल्ड स्टोरेज (cold storage) मालिकों द्वारा आलू भंडारण एवं निकासी में की जा रही मनमानी के विरोध में छत्रपति शिवाजी सेना (Chhatrapati Shivaji Sena) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा निर्धारित दरों की अनदेखी कर किसानों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है, जो सीधे तौर पर किसान हितों का हनन है।
ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश के कई कोल्ड स्टोरेजों में तय दरों के बावजूद आलू भंडारण और निकासी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। संगठन ने मांग की कि निर्धारित दर से अधिक शुल्क वसूलने वाले कोल्ड स्टोरेज मालिकों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी उल्लेख किया कि बीते वर्षों में अनेक कोल्ड स्टोरेजों द्वारा आलू भंडारण के लिए 100–120 रुपये प्रति पैकेट के स्थान पर 155 से 165 रुपये तक वसूले गए, जबकि निकासी के समय 170 से 190 रुपये प्रति पैकेट तक की वसूली की गई। संगठन ने इसे किसानों का खुला शोषण बताया।
छत्रपति शिवाजी सेना ने स्पष्ट किया कि आलू की खरीद का पूरा भुगतान किसानों को दिलाने की संपूर्ण जिम्मेदारी कोल्ड स्टोरेज मालिक की होनी चाहिए, ताकि बिचौलियों के कारण किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े। संगठन की प्रमुख मांगें रखी कि कोल्ड स्टोरेजों की नियमित और प्रभावी निगरानी की जाए, शासन द्वारा निर्धारित दरों का सख्ती से पालन कराया जाए, भाड़ा 120 रुपये (साधारण) और 130 रुपये (ऊर्जा) तय किया जाए, किसानों को उनकी फसल का पूरा और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, जिसकी जिम्मेदारी कोल्ड स्टोरेज मालिकों को संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राम बावू, डोरी लाल, श्याम पाल, श्रवन कुमार, शिवम कटियार, घनश्याम, पुतान सिंह, अजय अवस्थी, सत्यम पटेल (पूर्व जिलाध्यक्ष), कमल कटियार, राहुल कटियार, पुत्तन कृष्ण कटियार (पुत्तन), असंतोष कटियार तथा बाबा राधेश्याम पटेल (संस्थापक अध्यक्ष) सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।


