फर्रुखाबाद| प्रतिनिधि समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के जिला संगठन में विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी व सक्रिय बनाने के लिए जिला अध्यक्ष अमन सूर्यवंशी द्वारा कई नई नियुक्तियां की गई हैं, जबकि दो पदाधिकारियों को निष्क्रियता के आधार पर पदमुक्त कर दिया गया है।
जिला अध्यक्ष अमन सूर्यवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि अरशद खान को जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही लोधी राजू वर्मा को भी जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं मुन्नालाल कठेरिया को कायमगंज विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पूर्व में कायमगंज विधानसभा अध्यक्ष रहे आमिर खान को निष्क्रियता के चलते पद से हटा दिया गया है। इसी प्रकार, शमशाबाद नगर अध्यक्ष के रूप में ज्ञानचंद्र राजपूत को नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व नगर अध्यक्ष अंकित गौतम को भी संगठनात्मक निष्क्रियता के कारण पदमुक्त कर दिया गया है।
डॉ. आकाश गौतम को ब्लॉक से जिला सचिव बनाया गया है।
अर्पित कुमार को ब्लॉक अध्यक्ष, नवाबगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शरद कुमार यादव को जिला कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया है।
जिला अध्यक्ष अमन सूर्यवंशी ने कहा कि संगठन के पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य 2027 के चुनाव की मजबूत तैयारी और सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूती देना है। उन्होंने कहा— “हम चाहते हैं कि संगठन में वही कार्यकर्ता आगे आएं जो वास्तविक रूप से सक्रिय हैं और समाजवादी विचारधारा के लिए निष्ठा से काम करते हैं।”
जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि समय की मांग है कि सभी पदाधिकारी अभी से मेहनत शुरू करें और 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी को मजबूती से स्थापित करें।
वहीं जिला प्रवक्ता विवेक सिंह यादव ने भी सभी नवनियुक्त साथियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा— “संगठन में जोश और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह बदलाव केवल नामों का नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का है।”
जिला अध्यक्ष अमन सूर्यवंशी ने यह भी बताया कि समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी में जुड़ने और सेवा देने के इच्छुक युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
“युवाओं का उत्साह देखकर हमें विश्वास है कि आने वाले समय में समाजवादी आंदोलन को नई दिशा मिलेगी।”
संगठन में इस तरह का पुनर्गठन यह दर्शाता है कि समाजवादी पार्टी अपनी जड़ों को मजबूत करने और नए, ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को मौका देने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाकर सक्रिय लोगों को जगह देना आगामी चुनावों के लिए एक रणनीतिक और सशक्त कदम माना जा रहा है।


