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Thursday, July 2, 2026
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विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस: शोर के युग में सत्य की रक्षा

  डॉ. विजय गर्ग हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। यह एक ऐसा दिन होता है जो उत्सव के साथ-साथ...

विश्व स्वतंत्रता दिवस: घटती आज़ादी, बढ़ता नियंत्रण और खामोश होती दुनिया

शरद कटियार विश्व स्वतंत्रता दिवस नाम में जितना गौरव है, आज की हकीकत उतनी ही बेचैन करने वाली है। दुनिया झंडे लहराकर आज़ादी का जश्न...

मानव गणना से परे: एआई गणित में प्रवेश करता है

डॉ विजय गर्ग गणित को लंबे समय से मानव तर्क का सबसे शुद्ध रूप माना जाता रहा है। यह अनुशासन तर्क, अमूर्तता और प्रमाण पर...

विफलता के आयाम

डॉ विजय गर्ग विफलता—यह शब्द सुनते ही मन में निराशा, हताशा और हार की छवि उभर आती है। समाज में सफलता को जितना महिमामंडित किया...

भारतीय संस्कृति में पूजनीय नारी, पर संसद में अधूरी हिस्सेदारी

  (अंजनी सक्सेना-विभूति फीचर्स) “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः॥” मनु स्मृति के इस सुप्रसिद्ध श्लोक का अर्थ है कि "जहां नारी का...

आर्टिकल 13: मौलिक अधिकारों का सबसे बड़ा प्रहरी

- सरकार के हर कानून पर संवैधानिक लगाम शरद कटियार भारत का संविधान नागरिकों को केवल अधिकार नहीं देता, बल्कि उन अधिकारों की रक्षा के लिए...

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