14 फरवरी को जिला मुख्यालय का घेराव कर करेंगे धरना-प्रदर्शन
फर्रुखाबाद: जनपद में निर्माणाधीन लिंक एक्सप्रेसवे के तहत किसानों की अधिग्रहित की जा रही जमीनों के सर्किल रेट में असमानता को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत (फर्रुखाबाद) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसानों की जमीन का सर्किल रेट एक समान नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इसी क्रम में आज 06 फरवरी 2026 को ब्लॉक बढ़पुर की ग्राम पंचायत गुतासी में भाकियू टिकैत की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 14 फरवरी 2026 को बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही किसानों की जमीनों का सर्किल रेट हर हाल में एक समान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं यह स्पष्ट कर चुके हैं कि जहां-जहां सर्किल रेट में भिन्नता है, उसे समाप्त कर समान किया जाए और किसानों की मर्जी के बिना उनकी जमीन न ली जाए।
जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने किसानों को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी दिखाते हुए कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सर्किल रेट किसानों के लिए कोई अनुकंपा नहीं बल्कि उनका कानूनी अधिकार है। जब मुख्यमंत्री और हाईकोर्ट दोनों किसानों के पक्ष में खड़े हैं, तो जनपद स्तर पर कोई भी अधिकारी किसानों के सर्किल रेट बढ़ाने में बाधा नहीं बन सकता।
उन्होंने ऐलान किया कि 14 फरवरी को जनपद के कोने-कोने से किसान जिला मुख्यालय पहुंचेंगे। किसान अपने-अपने साधनों से—बैलगाड़ी, ट्रैक्टर, कार, मोटरसाइकिल, यहां तक कि घोड़े पर सवार होकर भी जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। प्रमुख रूप से जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य, जिला प्रवक्ता गोपी शाक्य, जिला महासचिव अभय यादव, युवा जिला अध्यक्ष अनुज राजपूत, जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार, जिला सचिव सुशील दीक्षित, जिला प्रचार मंत्री राजेश गंगवार, गुड्डू यादव, रामपुर डफरपुर प्रधान निरोत्तम राजपूत, भोपतनगला प्रधान श्याम शाक्य, जिला सह सचिव दिनेश सिंह, सदर तहसील अध्यक्ष रामप्रकाश पाल, तहसील महासचिव रजत गंगवार, बबलू खटीक, राजेपुर ब्लॉक अध्यक्ष टिंकू यादव, संजय सिंह, रमेश राठौर सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों के इस ऐलान से प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।


