41 C
Lucknow
Friday, May 22, 2026

उत्तर प्रदेश में बिजली संकट गहराया, भीषण गर्मी में शहर से गांव तक हाहाकार

Must read

उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहरों में घंटों की बिजली कटौती के कारण लोग रातभर जागने को मजबूर हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है। गांवों में जहां 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, वहां लोगों को केवल 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बिजली संकट का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जलापूर्ति, छोटे उद्योगों, व्यापार और किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर लोगों ने बिजली उपकेंद्रों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन भी किया।

बिजली विभाग के अभियंताओं के अनुसार प्रदेश में बिजली मांग और उपलब्ध संसाधनों के बीच बड़ा अंतर संकट की मुख्य वजह है। उत्तर प्रदेश में करीब 3.73 करोड़ उपभोक्ता हैं और स्वीकृत भार 8.57 करोड़ किलोवाट तक पहुंच चुका है, जबकि उपलब्ध क्षमता इससे काफी कम है। जैसे ही गर्मी बढ़ने पर बिजली की मांग तेज होती है, ट्रांसफॉर्मर, केबल और लाइनें ओवरलोड होकर फेल होने लगती हैं। अभियंताओं का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया ग्रुपों के जरिए कटौती के कोड भेजे जाते हैं, जिसके आधार पर अघोषित रोस्टर लागू करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों को अधिक कटौती झेलनी पड़ती है क्योंकि वहां विरोध अपेक्षाकृत कम होता है और राजस्व भी कम प्राप्त होता है।

प्रदेश में बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। 16 मई को जहां मांग 27,776 मेगावाट थी, वहीं 21 मई तक यह बढ़कर 31,000 मेगावाट पहुंच गई। विभाग को आशंका है कि आने वाले दिनों में यह मांग 33 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। पीक आवर्स में स्थिति सबसे अधिक गंभीर हो जाती है, जब एक साथ अधिकतम भार पड़ने से ट्रांसफॉर्मर और वितरण व्यवस्था जवाब देने लगती है। कई जिलों में बार-बार लोकल फॉल्ट होने से लोगों को लंबे समय तक बिजली नहीं मिल पा रही। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान संसाधन बढ़ती मांग को संभालने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण यह संकट हर वर्ष गर्मियों में और गहरा होता जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया है कि प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति की जा रही है और सरकार विद्युत व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नए सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं तथा ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। हालांकि विभाग के अभियंताओं का मानना है कि केवल दावों से समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने स्वीकृत भार और उपलब्ध संसाधनों के बीच अंतर कम करने, संविदा कर्मचारियों की छंटनी रोकने तथा बिजली व्यवस्था को युद्धस्तर पर संभालने की आवश्यकता बताई है। जनता फिलहाल भीषण गर्मी में राहत की उम्मीद लगाए बैठी है, लेकिन बढ़ती मांग और कमजोर ढांचे को देखते हुए आने वाले दिनों में बिजली संकट और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article