काठमांडू। नेपाल में तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में गए 384 यात्री फिलहाल संपर्क से बाहर हैं। इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी यात्रियों में 105 भारतीय नागरिक बताए गए हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक भोटे कोशी नदी में सुबह करीब 8:30 बजे अचानक बाढ़ आई। इसके बाद प्रभावित इलाके में मौजूद यात्रियों से संपर्क टूटने की सूचनाएं मिलने लगीं। पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस, स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां, टूर गाइड और ट्रैवल एजेंसियां यात्रियों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में जुटी हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि लापता अथवा संपर्क से बाहर बताए जा रहे यात्रियों की संख्या अभी प्रारंभिक है और इसका सत्यापन किया जा रहा है।
भारतीय यात्रियों की बात करें तो सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स से जुड़े 59 और लीफ हॉलिडे के 46 भारतीय यात्री संपर्क से बाहर बताए गए हैं। इस तरह भारतीय नागरिकों की संख्या 105 होती है। इनके अतिरिक्त हिमालयन ग्लेशियर से जुड़े 37 अनिवासी भारतीयों का भी प्रारंभिक सूची में उल्लेख है। इसलिए भारतीय नागरिकों और अनिवासी भारतीयों को मिलाकर संख्या 142 बैठती है।
बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी के रास्ते नेपाल में आने की जानकारी सामने आई है। तेज बहाव ने रसुवा के तिमुरे और स्याब्रुबेसी सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है। गांवों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने की खबर है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार हादसे में कम से कम नौ लोगों की मौत की सूचना है, हालांकि अलग-अलग स्रोतों में मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती आंकड़े अलग हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, नदी और नदी किनारों से दूर रहने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। राहत एवं बचाव दल संपर्क से बाहर यात्रियों की तलाश और उनकी सुरक्षित मौजूदगी की पुष्टि में जुटे हुए हैं।


