जिला हरदोई के ग्राम मिरकापुर में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर हो उठा। सुबह प्रातः काल में बड़े ही धूमधाम, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं भक्ति संगीत के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों महिलाओं एवं कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। कलश यात्रा में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण एवं सनातन धर्म के जयघोष लगाते हुए पूरे गांव में भ्रमण करते नजर आए। पूरा वातावरण “जय श्री कृष्ण”, “हरि बोल” एवं “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा।
कलश यात्रा के पश्चात विधिवत पूजन-अर्चन एवं श्रीमद्भागवत जी की आरती के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। असलापुर धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक, अखिल विश्व कल्याण पीठ के पीठाधीश्वर, परम पूज्य अनूप ठाकुर जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं अमृतमयी वचनों से प्रथम दिवस की कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा नहीं बल्कि मानव जीवन को धर्म, संस्कार, भक्ति एवं मोक्ष के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य गंगा है। कथा श्रवण से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
महाराज श्री ने कहा कि आज का समाज पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ता जा रहा है जिससे मानव अपने धर्म एवं संस्कारों से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में श्रीमद्भागवत कथा समाज को सनातन संस्कृति, धार्मिक मूल्यों एवं मानवता से जोड़ने का महान कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां भगवान की कथा होती है वहां स्वयं देवी-देवताओं एवं तीर्थों का निवास होता है।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में महाराज श्री ने कहा कि सनातन धर्म सम्पूर्ण विश्व को प्रेम, सेवा, करुणा एवं मानव कल्याण का संदेश देता है। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ना चाहिए ताकि भारतीय सभ्यता की गौरवशाली परंपराएं सदैव जीवित रह सकें।
कथा के दौरान महाराज श्री के मधुर भजनों एवं संगीतमयी प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। “हरे कृष्ण हरे राम”, “कन्हैया तेरी मुरली बजे धीरे-धीरे” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्ति रस में झूमते नजर आए।
इस मौके पर परिक्षित प्यारेलाल जी सपत्नीक, अजीत सिंह रठूर, गोलू रठूर, विजय सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, रमेश सक्सेना, दुर्गेश सिंह, प्रदीप सिंह रठूर समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहें!


