कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगरहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर शनिवार को पुनर्मतदान कराया जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा पूर्व में मिली गड़बड़ी और छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया था। सुबह सात बजे से शुरू हुई वोटिंग के दौरान मतदाताओं में उत्साह देखा गया और मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहीं।
चुनाव आयोग के अनुसार, सुबह 11 बजे तक कुल औसत मतदान लगभग 36.99 प्रतिशत दर्ज किया गया। मगरहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 38.2 प्रतिशत और डायमंड हार्बर सीट पर 35.92 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं। डायमंड हार्बर क्षेत्र में ईवीएम मशीन में खराबी के कारण करीब एक घंटे तक मतदान बाधित रहा, जिससे मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा। बाद में मशीन को ठीक कर मतदान दोबारा शुरू कराया गया।
पुनर्मतदान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने मतगणना में देरी को लेकर सवाल उठाते हुए इसे संदिग्ध बताया और जांच की मांग की। वहीं भाजपा नेताओं ने पुनर्मतदान के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि और भी बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए था। कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।
मतगणना से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोलकाता के नेताजी इंदौर स्टेडियम को स्ट्रॉन्गरूम में तब्दील किया गया है, जहां ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रखा गया है। यहां बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और उम्मीदवारों व उनके एजेंटों को निगरानी की अनुमति दी गई है।
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना कर्मियों की तैनाती से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस की याचिका का निपटारा करते हुए चुनाव आयोग के सर्कुलर को बरकरार रखा है। अदालत ने आयोग के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं बताई।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। जिन बूथों पर शिकायतें मिली थीं, वहां पुनर्मतदान कराकर मतदाताओं को सही तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।


