शमशाबाद उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली संकट बरकरार, पंखे-कूलर बने शोपीस, उपभोक्ताओं ने उठाए बिलों पर भी सवाल
शमशाबाद। बरसात शुरू होने के बावजूद शमशाबाद क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत नहीं मिल रही है। शमशाबाद विद्युत उपकेंद्र से जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। उमस भरी गर्मी के बीच बार-बार बिजली जाने से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। वहीं, कम बिजली मिलने के बावजूद बढ़े हुए बिजली बिलों ने उपभोक्ताओं की परेशानी को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान अघोषित कटौती किसी तरह सहन कर ली गई थी, लेकिन अब जब बरसात का मौसम शुरू हो चुका है, तब भी बिजली की आंख-मिचौली लगातार जारी है। पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने तापमान में थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन वातावरण में बनी उमस और चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे में नियमित बिजली आपूर्ति न होने से घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण महज शोपीस बनकर रह गए हैं।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई घंटों तक बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है, जबकि गृहिणियों के दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली की कटौती की जा रही है, जिससे दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।
बिजली संकट के साथ-साथ बढ़े हुए बिजली बिल भी लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पर्याप्त विद्युत आपूर्ति न मिलने के बावजूद विभाग द्वारा भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उनके कनेक्शन का लोड बिना पूर्व सूचना के बढ़ा दिया गया है। जहां पहले दो किलोवाट का लोड दर्ज था, वहीं अब तीन किलोवाट दर्शाकर बिल जारी किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे बिलों की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में जब विद्युत उपकेंद्र के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी। हालांकि उपकेंद्र के कर्मचारियों ने बताया कि फैजबाग-शमशाबाद मार्ग के किनारे से गुजर रही हाईटेंशन लाइन पर कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां फंस गई हैं। बारिश और तेज हवा के कारण टहनियां तारों से टकरा रही हैं, जिससे बार-बार फॉल्ट हो रहा है और बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
कर्मचारियों के अनुसार विभाग की टीमें लगातार लाइन की पेट्रोलिंग कर रही हैं तथा पेड़ों की टहनियों की कटाई कराई जा रही है, ताकि फॉल्ट की समस्या समाप्त कर विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाया जा सके। वहीं ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए और बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जाए।
बरसात में भी नहीं मिली बिजली से राहत, अघोषित कटौती और बढ़े हुए बिलों से ग्रामीणों में आक्रोश


