मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से ग्रामीणों में जगी उम्मीद, तटबंध निर्माण की मांग उठने के आसार
अमृतपुर
गंगा पार क्षेत्र इन दिनों बाढ़ की मार से जूझ रहा है। जलभराव और आवागमन की समस्या से परेशान ग्रामीणों के बीच अब 3 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डबरी प्रस्तावित दौरे की खबर ने उम्मीद जगा दी है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है और कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गया है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह समेत जिले के आला अधिकारी डबरी पहुंचे। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन, पार्किंग, साफ-सफाई, बिजली, पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां और आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
गंगा पार क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बाढ़ की समस्या हर साल बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ जलभराव, आवागमन, फसलों और पशुओं को लेकर ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस बार भी बाढ़ की स्थिति ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण लंबे समय से मुख्यमंत्री के गंगा पार क्षेत्र में आने का इंतजार कर रहे थे। अब मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी वर्षों पुरानी समस्या को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे। ग्रामीणों की प्रमुख मांग क्षेत्र को बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने के लिए मजबूत तटबंध अथवा बांध निर्माण की बताई जा रही है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि क्षेत्र में मजबूत तटबंध का निर्माण हो जाए तो हर वर्ष बाढ़ के दौरान होने वाली परेशानियों से काफी हद तक राहत मिल सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री का प्रस्तावित दौरा ग्रामीणों के लिए अपनी समस्या को शासन के सामने मजबूती से रखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से जल्द पूरे किए जाएं और व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक, अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल और आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जहां प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा है, वहीं बाढ़ की मार झेल रहे गंगा पार क्षेत्र के ग्रामीणों की निगाहें अब 3 सितंबर पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के सामने उनकी वर्षों पुरानी बाढ़ की समस्या उठने के बाद तटबंध निर्माण समेत स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल हो सकती है।


