– ग्रामीणों ने ठेकेदार और अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
फर्रुखाबाद। तहसील सदर क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, दिलीप की मढ़ैया, कटरी भीमपुर सहित गंगा तटवर्ती गांवों में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए करोड़ों रुपये के कार्यों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और फर्रुखाबाद विकास मंच ने आरोप लगाया है कि 7 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित कटानरोधी कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ, जिससे गंगा की पहली तेज धारा में ही अधिकांश सुरक्षा कार्य बह गए और गांवों पर कटान का खतरा मंडराने लगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना के तहत पॉर्क्यूपाइन, जियो बैग और स्टड लगाए जाने थे, लेकिन मौके पर मानकों के अनुरूप कार्य नहीं कराया गया। उनका दावा है कि जियो बैग के स्थान पर सीमेंट की बोरियों में मिट्टी भरकर लगा दी गईं, जबकि केवल ऊपर की परत में कुछ जियो बैग रखकर कार्य पूरा दिखा दिया गया।
ग्रामीणों राजीव वर्मा, रामू राजपूत, रामलखन वर्मा, पंकज राठौर और सत्यनारायण शाक्य सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने ठेकेदार से गुणवत्ता के अनुसार कार्य कराने की बात कही तो उन्हें धमकाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें कहा गया कि सरकारी काम में हस्तक्षेप किया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दिया जाएगा। भय के कारण ग्रामीण लंबे समय तक खुलकर विरोध नहीं कर सके।
ग्रामीणों के अनुसार गंगा में जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान रोकने के लिए किए गए अधिकांश कार्य बह गए। अब कई मकान और खेत सीधे कटान की जद में आ गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
सूचना मिलने पर फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि कटानरोधी कार्य बेहद घटिया गुणवत्ता का है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार तथा विभागीय अधिकारियों की है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर से मिलकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करेगा। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करेगा।


