संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले पर बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक को जिला परियोजना प्रबंधन इकाई के पद से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार में मंत्री गुलाब देवी ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सेवानिवृत्त डीआईओएस को तत्काल डीपीएमयू के पद से हटाया जाए। साथ ही, कथित गबन की धनराशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मामला उस समय का बताया जा रहा है जब संबंधित अधिकारी प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने सैलरी बुक में हेराफेरी कर करीब 53.98 लाख रुपये का गबन किया। जांच में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद शासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
मंत्री गुलाब देवी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के साथ सरकारी धन की पूरी वसूली की जाए।
शिक्षा विभाग में करोड़ों और लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं पर प्रदेश सरकार लगातार सख्त रुख अपना रही है। संभल का यह मामला भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जहां अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी धन की रिकवरी की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।


