– संगठन विस्तार और ‘जाति रत्न सम्मान’ सहित कई प्रस्ताव पारित
– याद की गयीं दिवंगत डॉ रजनी सरीन
मोहित धवन
लखनऊ। अखिल भारतीय खत्री महासभा (पंजी.) की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक लखनऊ के भूतनाथ स्थित सभागार में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल कृष्ण मेहरोत्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 से अधिक प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने भाग लेकर संगठन की मजबूती, सामाजिक एकजुटता और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की।
बैठक का शुभारंभ भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री विजय खन्ना ने बैठक का संचालन किया। कार्यसमिति ने पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि करते हुए महासभा से संबद्ध सभी क्षेत्रीय, जिला एवं स्थानीय इकाइयों को पुनर्गठित और सक्रिय करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया। सदस्यता अभियान, युवा सहभागिता और सामाजिक कार्यक्रमों को गति देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव समाजसेवी डॉ. रजनी सरीन को मरणोपरांत समाज के सर्वोच्च सम्मान ‘जाति रत्न सम्मान’ से सम्मानित करने का रहा। कार्यसमिति ने उनके सामाजिक योगदान, मानवीय मूल्यों के संरक्षण और समाज सेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में हरिद्वार स्थित खत्री धर्मशाला के संरक्षण एवं विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसे समाज की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए उसके अधिकारों की सुरक्षा और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे पर भी प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा सहित विभिन्न चुनावों में खत्री समाज के योग्य और सक्षम प्रतिनिधियों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए तथा राजनीतिक दलों को समाज की भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
राष्ट्रीय महामंत्री विजय खन्ना ने संगठन की मजबूती को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए सभी पदाधिकारियों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। वहीं पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय लालजी टंडन के पुत्र सुबोध टंडन ने समाज में एकजुटता और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।
बैठक में आगरा, झांसी, मथुरा, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ सहित कई जनपदों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। टोडरमल सभा के अध्यक्ष संजय पुरी, जे.पी. कपूर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल कृष्ण मेहरोत्रा ने सभी प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि महासभा समाज की एकता, सेवा और संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


