= संविधान से लेकर राम मंदिर चढ़ावा तक उठाए सवाल
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द, संविधान, राम मंदिर चढ़ावा और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी बात रखी।
अखिलेश यादव ने कहा कि, “इन्होंने अपने भंडारे पर मुझे बुलाया और इसका नुकसान इन्हें भुगतना पड़ रहा है, सामाजिक रूप से भी और राजनीतिक रूप से भी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि, “अब भाजपा सांसदों को तोड़कर संविधान बदलना चाहती है। पहला नाम मर्यादा का श्रीराम हैं, दूसरा संविधान है और भारतीय जनता पार्टी दोनों को दगा दे रही है।”
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “प्रभु श्रीराम इतने दयालु हैं, अगर सीसीटीवी कुछ देर के लिए बंद कर दें तो अपने आप चढ़ावा वापस आ जाएगा।”
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “भाजपा के लोगों को अपना नाम भाजपा की जगह ‘भा-च-पा’ कर लेना चाहिए।”
उन्होंने सामाजिक सौहार्द पर जोर देते हुए कहा, “प्रेम, दया और अपनापन हमारे बीच बना रहे, हमारे देश की हिन्दुस्तानियत कायम रहे।”
अपने जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने वालों का आभार व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “मायावती जी का भी धन्यवाद, मुख्यमंत्री जी का भी धन्यवाद। हमारी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और दूसरे दलों के सभी साथियों का भी मैं आपके माध्यम से बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार प्रकट करता हूं।”
सपा प्रमुख के इन बयानों को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें उन्होंने संविधान, सामाजिक सद्भाव, राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और भाजपा की कार्यशैली को लेकर अपनी पार्टी का पक्ष प्रमुखता से रखा।


