लखनऊ। यूनिवर्सिटी ऑफ़ लखनऊ में पढ़ाई को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। अब विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) को यूजी, पीजी और पीएचडी स्तर के पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।
यह निर्णय विज्ञान संकाय की फैकल्टी बोर्ड बैठक में लिया गया, जिसमें बदलते तकनीकी दौर को देखते हुए एआई को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर सहमति बनी। माना जा रहा है कि इससे छात्रों को नई तकनीकों की बेहतर समझ मिलेगी और वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स और मैथ्स जैसे विषयों में एआई आधारित अध्ययन को प्रमुखता दी जाएगी। इसके अलावा स्टैटिस्टिक्स विषय में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जोड़ा जाएगा, जिससे डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों को समझने में मदद मिलेगी।
इस प्रस्ताव को 28 मार्च को विश्वविद्यालय परिषद की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करने से छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
लखनऊ विवि में एआई पढ़ाई का हिस्सा: नए सत्र से यूजी , पीजी और पीएचडी में शामिल होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस


