संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर बंद में प्रशासन की सख्ती के बाद सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। करीब साढ़े तीन बीघा ग्राम समाज की जमीन पर वर्षों से बने मदरसा, मस्जिद और दुकानों को अब खुद ही तोड़ा जा रहा है। प्रशासन द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे इलाके में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, यह कब्जा करीब 30 साल पहले खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की जमीन पर किया गया था। इसी जमीन पर गौसुल मदरसा का निर्माण हुआ और बाद में उसके नाम से एक मस्जिद भी बना दी गई। इसके साथ ही पांच दुकानें और आठ मकान भी खड़े कर दिए गए थे, जो अब प्रशासन की कार्रवाई की जद में आ गए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और राजस्व निरीक्षक चंद्रपाल सिंह की अगुवाई में टीम गठित कर जमीन की पैमाइश कराई गई। गाटा संख्या 623 (खाद का गड्ढा) और 630 (खेल का मैदान) की जांच के बाद कब्जे की पुष्टि हुई, जिसके बाद अवैध कब्जाधारियों को आठ दिन के भीतर निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया।
अल्टीमेटम के बाद गांव के ही लोगों द्वारा मदरसा, मस्जिद और दुकानों को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। जिन दुकानों को हटाया जा रहा है, उनमें समोसा-पकौड़े, सब्जी, मेडिकल स्टोर और जन सेवा केंद्र जैसी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी दुकानें शामिल हैं। हालांकि, आठ मकानों में रहने वाले लोगों ने फिलहाल अपने घर तोड़ने से इनकार कर दिया है, जिससे आगे टकराव की स्थिति भी बन सकती है।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को हर हाल में कब्जा मुक्त कराया जाएगा और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है—कुछ लोग इसे न्यायसंगत कदम बता रहे हैं, तो कुछ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।


