फर्रुखाबाद| शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक से आम लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। शुक्रवार को शुरू किए गए इस विशेष अभियान के पहले दिन शहर के 13 प्रमुख इलाकों से कुल 29 आवारा कुत्तों को पकड़ा गया। नगर पालिका प्रत्येक कुत्ते पर 996 रुपये का खर्च कर रही है, ताकि नसबंदी और उपचार का काम सुचारू रूप से हो सके।
नगर पालिका द्वारा यह अभियान हरियाणा के ठेकेदार अजय सिंह की देखरेख में बांदा से आई विशेष टीम के सहयोग से चलाया जा रहा है। नितगंजा दक्षिण, बहादुरगंज, तिकोना, भीकमपुरा, लालसराय, घुमना, पक्का पुल, बजरिया, बस अड्डा, ढुइया, रेटगंज और लाल दरवाजा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों से कुत्तों को पकड़ने का काम किया गया। टीम ने जाल की मदद से कुत्तों को काबू में किया और लोहे के पिंजरों में बंद कर बीबीगंज स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर पहुंचाया।
इसी दौरान शुक्रवार की देर शाम जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और नगर पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने फीता काटकर नए बनाए गए एबीसी सेंटर का शुभारंभ किया। उद्घाटन के तुरंत बाद पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अधिशासी अधिकारी (ईओ) विनोद कुमार ने बताया कि नसबंदी और एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए जाने के बाद शहर में कुत्तों के बढ़ते आतंक पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगा।
ठेकेदार अजय सिंह के अनुसार, डॉक्टरों की टीम रात में भी सेंटर पर मौजूद रहेगी और किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे उपलब्ध कराई गई हैं। पकड़े गए कुत्तों को तीन दिन तक सेंटर में रखा जाएगा, जहां उन्हें भोजन, दवाएं और एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए जाएंगे। इसके बाद नियम के अनुसार उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।
नगर पालिका का दावा है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि शहरवासियों को आवारा कुत्तों से होने वाली दिक्कतों से स्थायी राहत मिल सके।






