एटा
जैथरा कोतवाली क्षेत्र में न्यायालय ने तीन साल पहले हुई एक गंभीर घटना का निपटारा करते हुए किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले युवक सुमित पर दोष सिद्ध कर 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने उसे 80 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई 2022 को इस मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि अनुसूचित जाति की किशोरी को युवक ने बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने किशोरी को सुरक्षित बरामद कर मेडिकल जांच कराई। उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और एससी-एसटी अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विशेष न्यायालय पोक्सो अधिनियम में सुनवाई के बाद दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई। इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
इस घटना के साथ ही एटा जिले में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता फिर से सामने आई है। न्यायालय के इस फैसले से न केवल पीड़िता को न्याय मिला है, बल्कि ऐसे अपराधों के प्रति चेतावनी भी दी गई है कि दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड भुगतना पड़ेगा।
साथ ही, एटा में एक अन्य मामला भी सामने आया है, जिसमें राजा का रामपुर निवासी महिला ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के ही युवक विक्की उर्फ अरुण ने अपने पति के घायल होने की झूठी सूचना देकर महिला को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया और दुष्कर्म किया। इसके साथ ही आरोपी ने महिला का यूपीआई पासवर्ड लेकर उसके खाते से 1 लाख 11 हजार रुपये पार कर लिए। इस मामले में भी न्यायालय ने आदेशानुसार प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


