बरेली/बदायूं
दिल्ली समेत रुहेलखंड क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। मंगलवार को बरेली और बदायूं में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर के समय तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
बदायूं में तेज हवाओं का असर अधिक देखने को मिला, जहां एक यूनीपोल गिर गया। अचानक बदले मौसम के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ और बाजारों में भीड़ कम दिखाई दी। दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।
हालांकि यह मौसम जहां आम लोगों के लिए राहत लेकर आया है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। इस समय गेहूं और सरसों की कटाई का सीजन चल रहा है, ऐसे में आंधी और बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। पिछले सप्ताह आई तेज आंधी और बारिश से पहले ही कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंच चुका है।
बरेली जिले के बहेड़ी, फरीदपुर और आंवला तहसील में गेहूं की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। अब तक 350 से अधिक किसानों ने फसल बीमा कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है। प्रभावित किसानों को उम्मीद है कि जल्द सर्वे कराकर उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार, आठ और नौ अप्रैल को आंधी के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान और पंजाब के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 10 अप्रैल के बाद मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। ऐसे में आने वाले दिनों में जहां एक ओर लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ेगा, वहीं किसानों के लिए फसलों को सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।


