एटा
जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत जिले के 18 प्रमुख मार्गों पर 27 मिनी बसों के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस योजना के लागू होने से दूरदराज के गांवों को मुख्य सड़कों और कस्बों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे आमजन को आवागमन में काफी सुविधा होगी।
परिवहन विभाग के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित मार्गों पर बसों के संचालन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही इन मार्गों पर मिनी बसें दौड़ती नजर आएंगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्राप्त 27 आवेदनों पर विचार करते हुए 18 मार्गों को स्वीकृति दी गई है, जिन पर नियमित रूप से परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी, वहीं मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंचने में मदद मिलेगी। इसके अलावा रोजगार की तलाश में आने-जाने वाले लोगों और छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
स्वीकृत मार्गों के अंतर्गत अलीगंज और जैथरा क्षेत्र में कुल नौ मिनी बसों का संचालन किया जाएगा, जबकि अवागढ़, जलेसर, निधौली कलां, मारहरा, सकीट और शीतलपुर क्षेत्रों में तीन-तीन बसें चलाई जाएंगी। इन बसों के संचालन से आठ विकास खंडों के ग्रामीण इलाकों को बेहतर परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। कुल मिलाकर यह योजना ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


