सिडनी
दुनिया के सामने एक चौंकाने वाला मामला आया है, जहां ऑस्ट्रेलिया के सबसे सम्मानित सैनिकों में गिने जाने वाले बेन रॉबर्ट्स-स्मिथ को युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय सैन्य आचरण और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस यानी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस ने उन्हें सिडनी हवाई अड्डे से हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया गया।
47 वर्षीय पूर्व सैनिक पर अफगानिस्तान में तैनाती के दौरान पांच निहत्थे लोगों की हत्या से जुड़े पांच युद्ध अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। ये घटनाएं 2009 से 2012 के बीच की बताई जा रही हैं।
पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की हत्या का आरोप है, वे उस समय न तो लड़ाई में शामिल थे और न ही हथियारबंद थे। वे कथित तौर पर हिरासत में थे और ऑस्ट्रेलियाई बलों के नियंत्रण में थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोप है कि इन लोगों को या तो सीधे रॉबर्ट्स-स्मिथ ने मारा या उनके आदेश पर उनके अधीनस्थ सैनिकों ने कार्रवाई की। यह मामला सैन्य अनुशासन और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा है।
यह पूरा मामला 2020 की एक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया था, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई स्पेशल एयर सर्विस (SAS) के कुछ सदस्यों पर अफगानिस्तान में गंभीर आरोप लगे थे।
रॉबर्ट्स-स्मिथ को कभी देश का राष्ट्रीय नायक माना जाता था। उन्हें वीरता के लिए सर्वोच्च सैन्य सम्मान “विक्टोरिया क्रॉस” सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया था।
2006 से 2012 के बीच अफगानिस्तान में उनकी छह बार तैनाती रही, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया। इसी दौरान उनकी बहादुरी की कहानियां चर्चा में आई थीं।
हालांकि, 2018 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पहली बार उनके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए। इनमें एक निहत्थे किशोर को गोली मारने और एक व्यक्ति को चट्टान से गिराने जैसी घटनाएं शामिल थीं।
रॉबर्ट्स-स्मिथ ने इन सभी आरोपों से लगातार इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान कोई गलत काम नहीं किया और वह निर्दोष हैं।
अगर आरोप साबित होते हैं, तो हर मामले में उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। यह मामला ऑस्ट्रेलिया के सैन्य इतिहास में सबसे गंभीर मामलों में गिना जा रहा है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस केस पर टिकी है, जो यह तय करेगा कि क्या एक ‘वॉर हीरो’ पर लगे आरोप न्यायालय में साबित होते हैं या नहीं।


