कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनावी माहौल के बीच पुलिस की निष्पक्षता को लेकर एक और विवाद सामने आया है। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि टीएमसी नेता (TMC) ने नामांकन के दौरान पुलिस वाहन का इस्तेमाल किया। आरोप के मुताबिक नैहाटी नगर पालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी पुलिस की गाड़ी से बैरकपुर के एसडीओ कार्यालय पहुंचे।
बताया गया कि यह गाड़ी नैहाटी पुलिस स्टेशन की थी, जो बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत आती है। यह घटना उस समय की बताई जा रही है जब टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप लगा कि एक राजनीतिक नेता का इस तरह पुलिस वाहन का इस्तेमाल करना आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आता है।
बैरकपुर लोकसभा से बीजेपी के पूर्व सांसद ने इस मामले को चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी और के संज्ञान में लाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लगातार निष्पक्ष चुनाव की कोशिश कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर नैहाटी थाने के प्रभारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।बताया गया कि बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत आने वाले संबंधित अधिकारी पर यह कार्रवाई की गई है।आज ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस और प्रशासन के राजनीति से प्रभावित होकर काम करने की कड़ी टिप्पणी करते हुए निष्काम भाव से काम करने की नसीहत दी थी।
मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव की घटना के बाद विशेष रूप से पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।चुनाव के दौरान सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक दल या नेता के लिए करना नियमों के खिलाफ माना जाता है।आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासन और पुलिस को पूरी तरह निष्पक्ष रहना होता है। इस मामले में चुनाव आयोग की त्वरित कार्रवाई यह दिखाती है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।


