एटा
जनपद के मारहरा क्षेत्र में उस समय गर्व और खुशी का माहौल देखने को मिला, जब यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर जीएसटी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर बने अभिषेक राजपूत का नगर पालिका परिषद सभागार में भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों और युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद रही। कार्यक्रम में अभिषेक की सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए अभिषेक राजपूत ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, समर्पण, सेल्फ स्टडी और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास और धैर्य सबसे जरूरी होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहें और कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका डटकर सामना करें। अभिषेक ने यह भी बताया कि उन्होंने बिना महंगी कोचिंग के घर पर रहकर तैयारी की और केवल अभ्यास परीक्षा व इंटरव्यू मार्गदर्शन के लिए ही संस्थानों की मदद ली।
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी ने कहा कि सराय अहमद खां गांव के एक साधारण परिवार से निकलकर अभिषेक का इस मुकाम तक पहुंचना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। दरगाह खानकाहे बरकातिया के सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर ने भी अभिषेक की उपलब्धि को सराहते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन अन्य युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है।
अभिषेक के पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पिता डोरीसिंह राजपूत प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं, जबकि माता सर्वेश कुमारी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षिका हैं। उनके बड़े भाई आदित्य राजपूत भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं और भाभी आयकर विभाग में स्टेनोग्राफर हैं। एक सामान्य परिवार में पले-बढ़े अभिषेक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से ही प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कुंवर मनोहर सिंह आवासीय इंटर कॉलेज, आसपुर से हाईस्कूल और एमजीएचएम इंटर कॉलेज, मारहरा से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया, जिसमें वे जिले की टॉप-10 सूची में शामिल रहे।
अभिषेक के शिक्षक दिगंबर सिंह ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अपने लक्ष्य को लेकर समर्पित छात्र रहे हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा में मेहनत की जाए तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।
इस सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने अभिषेक को स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र देकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने उनसे सफलता के टिप्स भी लिए। अभिषेक की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है और यह कहानी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।


