25.5 C
Lucknow
Sunday, April 5, 2026

उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के विरोध में 12 अप्रैल को रणनीति बनाएंगे बिजली अभियंता

Must read

 

लखनऊ

बिजली विभाग के अभियंताओं और प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति लगातार गहराती जा रही है। बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच अब अभियंताओं ने प्रबंधन पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है, जिसकी रूपरेखा 12 अप्रैल को होने वाली केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तय की जाएगी।
राजधानी लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार, अभियंता संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान कई अभियंताओं के खिलाफ अनुचित और दंडात्मक कार्रवाइयां की गई हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। संघ ने इन कार्रवाइयों को तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की अपील की है।
संघ के महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि 12 अप्रैल को प्रस्तावित बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें मार्च 2023 के आंदोलन और वर्तमान में पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान हुई सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को समाप्त कराने की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा ट्रांसफार्मर खराब होने या बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में अभियंताओं पर की जा रही जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।
अभियंताओं का कहना है कि फील्ड में काम करने के दौरान उन्हें कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (RMS) पोर्टल और एएमआईएसपी पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियों के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदारी अभियंताओं पर डाली जा रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते बिजली विभाग में असंतोष का माहौल है और यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। ऐसे में सरकार और ऊर्जा विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है कि वे अभियंताओं की मांगों को गंभीरता से लें और किसी ठोस समाधान की दिशा में कदम

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article