लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट (अमौसी एयरपोर्ट) पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विशेष पहल की गई है। संभावित ड्रोन हमलों से निपटने के लिए अब एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ जवानों को उन्नत एंटी-ड्रोन ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस प्रशिक्षण का संचालन Indian Air Force द्वारा किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक तकनीकों और उपकरणों के जरिए ड्रोन की पहचान, ट्रैकिंग और उन्हें निष्क्रिय करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण में जवानों को विभिन्न परिदृश्यों में त्वरित प्रतिक्रिया देने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की विशेष जानकारी दी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में ड्रोन के जरिए सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं, जिसके चलते एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
ट्रेनिंग के दौरान यह भी जोर दिया गया कि एयरपोर्ट सुरक्षा में विभिन्न एजेंसियों सीआईएसएफ स्थानीय पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी और वायुसेना—के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और संयुक्त कार्रवाई ही खतरे को टाल सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की आधुनिक ट्रेनिंग से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि जवानों की क्षमता और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। आने वाले समय में अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
फिलहाल, इस पहल को एयरपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे संभावित खतरों से निपटने की तैयारी और अधिक सशक्त होगी।
अमौसी एयरपोर्ट पर बढ़ी सुरक्षा तैयारी, सीआईएसएफ जवानों को एंटी-ड्रोन ट्रेनिंग


