अमेठी
रसोई गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि लोगों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इसी बीच किसान मजदूर सेवा संस्थान ने गैस की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपा है। संगठन ने सीओ को दिए गए पत्र में मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो वे गैस एजेंसी में ताला लगाने को मजबूर होंगे।
अमेठी कस्बे में संचालित प्रकाश गैस एजेंसी पहले भी विवादों में रह चुकी है। पिछले कई दिनों से उपभोक्ता सिलेंडर के लिए एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े हैं। एजेंसी संचालक द्वारा पहले एक रूट मैप जारी कर दावा किया गया था कि अब उपभोक्ताओं को घर बैठे ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह फेल होती नजर आ रही है।
लोगों का कहना है कि कई दिनों तक इंतजार करने के बावजूद उनके घरों तक सिलेंडर नहीं पहुंच रहे हैं। मजबूरी में उन्हें फिर से एजेंसी के बाहर लाइन में लगना पड़ रहा है। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं में इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
संस्थान के प्रदेश प्रभारी प्रेम शंकर द्विवेदी ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक जानबूझकर गैस की कालाबाजारी कर रहा है, जिससे जरूरतमंद लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले में सीओ मनोज मिश्रा ने शिकायत मिलने के बाद जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, उपभोक्ता राहत की उम्मीद में प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।


