– लेखपाल और तहसील कर्मियों के खिलाफ नामजद तहरीर हड़कंप
फर्रुखाबाद। सरकारी भूमि पर कब्जे और अभिलेखों में कथित हेरफेर का गंभीर मामला सामने आया है। सम्पूर्ण समाधान दिवस में दी गई नामजद शिकायत ने राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता रामपाल जाटव पुत्र पाती राम जाटव निवासी अमेठी जदीद, थाना कादरीगेट ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 374मि0, रकबा 0.1300 हेक्टेयर, स्थित बाग लखुला, परगना पहाड़ा, तहसील सदर की जमीन राजस्व अभिलेखों में अंबेडकर पार्क/पुस्तकालय के रूप में दर्ज है।
फर्जी हेरफेर कर दर्ज कराया नाम
शिकायत में आरोप है कि इस सरकारी भूमि को धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अभिलेखों में बदलकर कंचन त्रिपाठी पत्नी सतीश चंद्र निवासी नगला दीना, थाना फतेहगढ़ तथा शकुंतला पत्नी रमेश चंद्र निवासी मोहल्ला मित्तूकुंचा, शहर फर्रुखाबाद के नाम दर्ज करा दिया गया।
इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी उल्लेख है कि शकुंतला की मृत्यु के बाद उनके पुत्र प्रमोद कुमार शुक्ला (लेखपाल) ने उक्त भूमि पर कब्जा कर लिया। साथ ही अशोक कुमार त्रिपाठी (लेखपाल) पर भी आरोप है कि उन्होंने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए इस पूरे फर्जीवाड़े में सहयोग किया।
तहसील कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप
प्रार्थना पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि यह पूरा खेल तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ है, जिसमें राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर सरकारी जमीन को निजी नामों में दर्ज कराया गया। शिकायतकर्ता ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए संबंधित कर्मचारियों और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एफआईआर दर्ज कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। साथ ही थाना कादरीगेट को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और क्या सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया जा सकेगा या नहीं।
सरकारी अंबेडकर पार्क व पुस्तकालय की जमीन पर फर्जीवाड़े की शिकायत


