लखनऊ। राजधानी में एक्सिस बैंक के डिप्टी मैनेजर काजी अहमद जैद की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दोस्त की पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में केस दर्ज किया है। मामले में मर्सिडीज कार डील, लोन और पैसों के विवाद को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, खुर्रम नगर निवासी एक महिला के नाम पर लोन लेकर जैद ने करीब 47 लाख रुपये की मर्सिडीज कार खरीदी थी, जिसकी ईएमआई वह खुद भर रहे थे। आरोप है कि बाद में महिला ने बिना जानकारी दिए कार को 24.50 लाख रुपये में बेच दिया और केवल 9.50 लाख रुपये ही जैद को लौटाए। इसके बाद वह उनसे पांच लाख रुपये और मांगने लगी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान थे।
गौरतलब है कि 30 मार्च को 40 वर्षीय काजी अहमद जैद ने लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र स्थित अपने घर में खुद को गोली मार ली थी। वह मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले थे और अलीगंज स्थित एक्सिस बैंक शाखा में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। घटना के बाद से ही मामले में कई तरह के सवाल उठ रहे थे।
परिवार ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि जैद ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर कार खरीदी थी, जो दोस्त की पत्नी के नाम पर थी। दोस्त की मौत के बाद महिला ने कार बेच दी और जैद का हिस्सा नहीं दिया। इसी विवाद के चलते वह तनाव में थे। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस को जैद की गाड़ियों से छह मोबाइल फोन मिले हैं। शुरुआती पड़ताल में इनमें शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिले हैं। पुलिस कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे और आर्थिक स्थिति क्या थी।
सूत्रों के मुताबिक, पहले भी जैद पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन लेने का आरोप लगा था, हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं शेयर बाजार में नुकसान या कर्ज का दबाव तो इस घटना की वजह नहीं बना।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा, बैंक स्टेटमेंट और लेनदेन की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल, दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।


