फर्रुखाबाद| मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटरी शिकारपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जिसने पूरे गांव में हड़कंप मचा दिया। घर में रखे दूध में अनजाने में गिरी छिपकली से बनी चाय पीने के बाद तीन मासूम बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने बिना देर किए तीनों को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी रामवीर ने बताया कि गुरुवार शाम को घर में भैंस का दूध निकालकर एक बाल्टी में सुरक्षित रख दिया गया था। रात के दौरान किसी समय उस दूध में एक छिपकली गिर गई, लेकिन इसकी भनक घर के किसी सदस्य को नहीं लगी। शुक्रवार सुबह जब परिवार की महिला ने उसी दूध को उबालकर चाय तैयार की, तो अनजाने में वह दूषित दूध उपयोग में आ गया।
यह चाय रामवीर के भाई प्रेमपाल के तीन बेटे—सोहिल (13 वर्ष), शोभित (11 वर्ष) और मोहित—ने पी ली। चाय पीने के बाद तीनों बच्चे सामान्य दिनचर्या के तहत खेत की ओर चले गए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही देर बाद खेत पर काम करते समय बच्चों को पेट में तेज जलन, घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगी। उनकी हालत बिगड़ती देख परिवार के अन्य सदस्य भी चिंतित हो उठे।
इसी दौरान घर पर दूध गर्म करते समय महिला की नजर बाल्टी में पड़ी मृत छिपकली पर पड़ी, जिससे पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बच्चों को फोन कर इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत खेत पहुंचे और बच्चों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़े।
अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और बच्चों को निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों के अनुसार समय रहते अस्पताल पहुंचाने के कारण स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर तीनों बच्चों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
दूध में गिरी छिपकली से बनी चाय पीने पर तीन मासूमों की हालत बिगड़ी


