शमशाबाद, फर्रुखाबाद। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद में एक्स-रे सुविधा ठप होने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो मौजूद है, लेकिन टेक्नीशियन की कमी के चलते यह मशीन महज शोपीस बनकर रह गई है।
जानकारी के अनुसार, शमशाबाद क्षेत्र का यह एकमात्र प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन एक्स-रे जांच की जरूरत पड़ने पर मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है। अस्पताल कर्मियों द्वारा साफ तौर पर कह दिया जाता है कि मशीन तो है, लेकिन उसे चलाने के लिए टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं है।
मरीजों के परिजनों का कहना है कि पिछले कई महीनों से यही स्थिति बनी हुई है। गंभीर बीमारियों या चोटिल मरीजों के लिए एक्स-रे बेहद जरूरी होता है, लेकिन सुविधा के अभाव में उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। वहां एक्स-रे के नाम पर 400 से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में सस्ती और सुलभ जांच की सुविधा होने के बावजूद लापरवाही के चलते आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हर दिन मरीजों को इधर-उधर भटकते देखा जा सकता है।
इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक गुट) के जिला महासचिव संजय गंगवार ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार इस समस्या की शिकायतें मिल रही हैं और अस्पताल में लंबे समय से टेक्नीशियन का अभाव बना हुआ है।
संजय गंगवार ने मुख्य चिकित्साधिकारी, फर्रुखाबाद से मांग की है कि सीएचसी शमशाबाद में तत्काल एक्स-रे सुविधा बहाल की जाए और टेक्नीशियन की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन को धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सीएचसी शमशाबाद में एक्स-रे सुविधा ठप, मरीज परेशान—निजी अस्पतालों की ओर मजबूर


