मैनपुरी। बदलते मौसम और अचानक मौसम परिवर्तन के कारण जिले में स्वास्थ्य संकट बढ़ गया है। मंगलवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से चार मरीजों की बुखार, खसरा, अस्थमा और क्षयरोग जैसी गंभीर बीमारियों के चलते मौत हो गई। वहीं, मंगलवार को 56 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और तीन मरीजों को उनकी गंभीर स्थिति के कारण मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर किया गया।
शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी राकेश भदौरिया (50) पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे। उनके परिजन उन्हें निजी चिकित्सक के पास ले जा रहे थे, लेकिन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाए गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एलाऊ क्षेत्र के गांव इलाबांस निवासी अमित कुमार की तीन वर्षीय पुत्री राधा रानी छह दिन से बुखार से परेशान थी। निजी चिकित्सक द्वारा खसरा बताकर उपचार किया जा रहा था। मंगलवार सुबह अचानक उनकी हालत बिगड़ी और जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।
कोतवाली क्षेत्र के नगला मूले निवासी काजल राजपूत (20) पिछले कुछ समय से क्षयरोग से पीड़ित थीं। मंगलवार सुबह अचानक उनकी स्थिति गंभीर हो गई और जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
नगर के खरपरी एबीएस ईंट भट्ठा के निकट निवासी श्याम बिहारी (60) पिछले समय से अस्थमा से जूझ रहे थे। सोमवार की शाम परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित किया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जिन मरीजों की मृत्यु हुई, उन्हें अति गंभीर हालत में लाया गया था। सभी को अस्पताल में हर संभव उपचार दिया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मौसम परिवर्तन के चलते जिले में बुखार, खसरा, अस्थमा और क्षयरोग के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, समय पर जांच कराने और गंभीर लक्षणों पर तुरंत अस्पताल आने की सलाह दी है।


