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Wednesday, April 1, 2026

स्कूली वाहनों पर 15 अप्रैल तक चलेगा विशेष चेकिंग अभियान

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लापरवाही पर होगी एफआईआर

कासगंज। ढोलना क्षेत्र में बीते दिनों हुए दर्दनाक स्कूल बस हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शासन के निर्देश पर अब जिले में स्कूली वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत अनफिट और बिना मानक संचालित स्कूली वाहनों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन और वाहन चालक के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
सहायक उप संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार से शुरू हो रहे इस अभियान में स्कूली वाहनों के सभी आवश्यक प्रपत्रों के साथ-साथ उनकी तकनीकी स्थिति की भी बारीकी से जांच की जाएगी। इसमें वाहन के फर्श की मजबूती, टायरों की स्थिति, जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फायर सिलिंडर और फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता को अनिवार्य रूप से परखा जाएगा। इसके अलावा वाहन चला रहे चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस और उसका चरित्र प्रमाण पत्र भी जांच के दायरे में रहेगा। उन्होंने कहा कि जो वाहन निजी तौर पर स्कूलों में संचालित हो रहे हैं, उन पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने जिला स्तर पर ‘स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति’ का भी गठन किया है। इस समिति में जिलाधिकारी को अध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक को उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि एआरटीओ, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति वर्ष में दो बार बैठक कर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगी।
इसके साथ ही निजी विद्यालयों में भी ‘विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति’ का गठन अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक विद्यालय स्तर पर गठित यह समिति वर्ष में चार बार बैठक कर वाहनों के पंजीकरण, फिटनेस, बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करेगी। साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाएगी।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद वाहन संचालकों और स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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