हे ‘भगवान’! खून में भी मिलावट, 1 यूनिट से 2 यूनिट बनाने का खेल
एक न्यायिक बाबू की भूमिका संदिग्ध, जांच के दायरे में आया नया एंगल
फर्रुखाबाद। जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले सनसनीखेज मामले नें चौकाने वाले तथ्य सामने लाये हैं । जहां जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली रक्त व्यवस्था को ही कुछ लोगों ने कमाई का जरिया बना लिया। आरोप है कि यहां अवैध रूप से रक्त की खरीद-फरोख्त की जा रही थी, जिसमें एक यूनिट खून की जगह दो यूनिट तक निकाल फिर उसे भारी कीमत पर बेचा जा रहा है ।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा खेल निजी क्लीनिकों और कुछ कथित दलालों के नेटवर्क के जरिए संचालित हो रहा है, और शिकार बनाये जा रहे ग्रामीण अंचलों के ऐसे लोग जो नशे के आदी होते हैँ । गरीब और मजबूर लोगों को थोड़े पैसों का लालच देकर उनसे खून लिया जाता , जबकि मरीजों के परिजनों से उसी खून के लिए 40 से 50 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं ।
मामले में एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। सूत्रों की मानें तो एक न्यायालय से जुड़े बाबू की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह बाबू इस नेटवर्क को संरक्षण देने या कानूनी प्रक्रियाओं में ढील दिलाने में मदद कर रहा था। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियों ने उसे भी निगरानी में ले लिया है।
प्राथमिक खोज में यह भी सामने आया है कि खून की गुणवत्ता के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था, जिससे मरीजों की जान को सीधा खतरा था।और एंट्रेंड स्टॉफ से बिना जाँच खून निकलवाया जाता है।
पता लगा है कि मामले की भनक लगते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया है। संबंधित क्लीनिकों की जांच शुरू कर दी गई है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए टीम गठित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि इस तरह का कोई कारोबार मिलता है तो उसे जड़ से खत्म किया जाएगा।
लोगों का कहना है कि जो खून जीवन बचाने के लिए होता है, उसे इस तरह व्यापार बनाना बेहद शर्मनाक है। मामला संवेदनशील होने के कारण इस सम्बन्ध में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इंकार किया गया है।
खून का काला कारोबार : फर्रुखाबाद में अवैध रक्त बिक्री का खुलासा, ₹50,000 तक प्रति यूनिट में सौदा


