सिडनी
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने 2026-27 सीज़न के लिए अपनी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी करते हुए साफ संकेत दे दिया है कि उसका अगला बड़ा लक्ष्य भारतीय परिस्थितियों में जीत हासिल करना है। खासकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने स्पिन विभाग को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। ऑफ-स्पिनर टॉड मर्फी को टीम में शामिल किया गया है, जबकि मैथ्यू कुहनेमैन को बरकरार रखा गया है। अनुभवी स्पिनर नाथन लियोन भी चोट से उबरकर वापसी के लिए तैयार हैं।
तेज़ गेंदबाज़ी में भी टीम ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए हैं। ब्रेंडन डॉगेट को पहली बार पूरा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, जो उनके प्रदर्शन का बड़ा इनाम माना जा रहा है। वहीं सलामी बल्लेबाज़ जेक वेदरल्ड ने अपना अपग्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट बरकरार रखा है। ऑलराउंडर माइकल नेसर की भी टीम में वापसी हुई है, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया था।
हालांकि इस नई सूची में कुछ बड़े नाम बाहर भी हुए हैं। अनुभवी बल्लेबाज़ उस्मान ख्वाजा ने संन्यास ले लिया है, जबकि ग्लेन मैक्सवेल, लांस मॉरिस और झाई रिचर्डसन जैसे खिलाड़ी भी इस बार कॉन्ट्रैक्ट से बाहर हो गए हैं। यह बदलाव टीम के पुनर्गठन और भविष्य की योजनाओं को दर्शाता है।
पूरी 21 खिलाड़ियों की सूची में पैट कमिंस, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क और ट्रैविस हेड जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो टीम की रीढ़ माने जाते हैं। इसके अलावा युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन इस सूची को और मज़बूत बनाता है।
आने वाला शेड्यूल ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद व्यस्त रहने वाला है। टीम अगले साल 15 टेस्ट मैच खेलेगी, जिसमें भारत दौरा, दक्षिण अफ्रीका सीरीज़ और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू मुकाबले शामिल हैं। इसके अलावा एशेज़ सीरीज़ और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल भी टीम के सामने बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं।
राष्ट्रीय चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट खिलाड़ियों के प्रदर्शन और आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम को विभिन्न परिस्थितियों में खेलने के लिए गहराई की ज़रूरत होगी और कॉन्ट्रैक्ट से बाहर के खिलाड़ियों को भी मौके दिए जाते रहेंगे।


