लखनऊ
बसपा की महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कमजोर वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की मांग उठाकर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि इन वर्गों की महिलाओं को अलग आरक्षण नहीं दिया गया, तो उनके समुचित विकास की उम्मीद करना मुश्किल होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में गंभीरता से विचार करने की अपील की।
बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी चुनाव तैयारियों की समीक्षा करते हुए मायावती ने कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों से निराश जनता अब बसपा से उम्मीद लगाए बैठी है, ऐसे में पार्टी को उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।
मायावती ने प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रोटी-रोजी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है और सरकार सिर्फ वादों व जुमलों तक सीमित है। साथ ही ईरान-अमेरिका युद्ध जैसे हालात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका सीधा असर गरीब वर्ग पर पड़ रहा है।
उन्होंने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती को लखनऊ में बड़े स्तर पर मनाने की अपील की और सभी कार्यकर्ताओं से परिवार सहित शामिल होने का आह्वान किया। इसके अलावा चुनावी तैयारियों को लेकर उन्होंने साफ निर्देश दिया कि पार्टी में आपराधिक तत्वों को किसी भी सूरत में जगह न दी जाए और प्रत्याशियों के चयन में सर्वसमाज को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।


