फर्रुखाबाद। स्कूली वाहनों की सुरक्षा और मानकों के पालन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत के अनुसार अब प्रत्येक विद्यालय को परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग द्वारा विकसित पोर्टल पर अपने सभी स्कूल वाहनों का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से भरना होगा। इसके साथ ही विद्यालयों को एक शपथ पत्र भी अपलोड करना होगा, जिसमें पोर्टल पर दी गई जानकारी की सत्यता प्रमाणित करनी होगी।
पोर्टल पर प्रत्येक वाहन की फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी ) और बीमा की वैधता दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ड्राइवर के ड्राइविंग लाइसेंस और चरित्र सत्यापन से जुड़ी जानकारी भी अपलोड करनी होगी। विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठकों का विवरण भी पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। स्पष्ट किया गया है कि जो विद्यालय यह जानकारी नहीं देंगे, उनके खिलाफ संबंधित शिक्षा बोर्ड द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में कुल 486 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 130 वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। इनमें 33 वाहन ऐसे हैं, जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं, जबकि नियमों के अनुसार स्कूली वाहनों की अधिकतम आयु 15 वर्ष निर्धारित है। इसके अलावा 218 वाहनों के परमिट भी समाप्त हो चुके हैं, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
प्रशासन ने 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सभी स्कूली वाहनों की सघन जांच की जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अनफिट पाए जाने वाले वाहनों को पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा तत्काल सीज किया जाएगा। साथ ही बीएसए और डीआईओएस को निर्देशित किया गया है कि ऐसे विद्यालयों के खिलाफ मान्यता समाप्त करने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करें।
अधिकारियों ने सभी विद्यालय संचालकों से अपील की है कि जिन वाहनों का संचालन बंद हो चुका है, उनके पंजीकरण निरस्त कराएं और जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराकर फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
स्कूली वाहनों पर सख्ती: पोर्टल पर भरना होगा पूरा विवरण, अनफिट वाहन होंगे सीज—1 से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान


