औरैया
बेला क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और निरंतर मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। दिबियापुर रोड, बेला निवासी 28 वर्षीय प्रशांत सिंह ने राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा 2024 में अपने पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल करते हुए 7वीं रैंक प्राप्त की है। इस उपलब्धि के साथ उनका चयन जिला समाज कल्याण अधिकारी (DSWO) पद पर हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।
प्रशांत सिंह की सफलता इसलिए और भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम बेहद सीमित संसाधनों में रहते हुए हासिल किया है। उन्होंने किसी बड़े शहर में जाकर महंगी कोचिंग नहीं ली, बल्कि घर पर रहकर स्वअध्ययन (Self Study) के माध्यम से अपनी तैयारी को मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को सबसे बड़ा हथियार बनाया।
प्रशांत बताते हैं कि उनकी इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने हर कठिन समय में उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें कभी हार न मानने की सीख दी। उन्होंने यह भी कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की असली कुंजी है।
उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार में बल्कि पूरे इलाके में उत्साह और गर्व का माहौल है। आसपास के युवा भी अब उनसे प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशांत सिंह ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
शिक्षाविदों और सामाजिक लोगों ने भी प्रशांत की इस सफलता को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह उदाहरण ग्रामीण क्षेत्र के उन छात्रों के लिए एक नई उम्मीद है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। प्रशांत सिंह की यह कहानी न केवल एक व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।


