कासगंज
जनपद में कीटनाशक विक्रेताओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। शासन द्वारा कीटनाशकों की बिक्री व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के उद्देश्य से सभी थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई है, यानी आज के बाद बिना पंजीकरण के किसी भी विक्रेता को कारोबार जारी रखना भारी पड़ सकता है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी अर्पिता राय ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी विक्रेता, डीलर और संबंधित कंपनियों को अपनी दुकानों का पंजीकरण आईपीएमएस (IPMS) पोर्टल पर करना अनिवार्य है। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जिसमें मोबाइल नंबर, लाइसेंस नंबर और ई-मेल आईडी की आवश्यकता होगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण न कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनका लाइसेंस निरस्त किया जाना भी शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नई व्यवस्था लागू होने के बाद केवल वही विक्रेता कीटनाशकों की खरीद और बिक्री कर सकेंगे, जो पोर्टल पर पंजीकृत होंगे। साथ ही, भविष्य में विक्रेताओं को केवल पंजीकृत निर्माताओं से ही रसायन खरीदने की अनुमति होगी, जिसके लिए विभागीय स्वीकृति भी आवश्यक होगी। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अवैध बिक्री पर रोक लगाना और किसानों तक गुणवत्तापूर्ण व प्रमाणित कीटनाशकों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
कृषि विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी विक्रेता को पंजीकरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वह संबंधित विभागीय कार्यालय से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान भी चलाया गया है, ताकि सभी विक्रेता समय रहते पंजीकरण पूरा कर सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च के बाद बिना पंजीकरण के कीटनाशकों की बिक्री पूरी तरह अवैध मानी जाएगी और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी विक्रेताओं को सलाह दी गई है कि वे आज ही अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
यह कदम किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे बाजार में नकली और घटिया कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगेगी और खेती की गुणवत्ता में सुधार


