फर्रुखाबाद। जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर प्राइवेट पब्लिकेशन की महंगी किताबें खरीदने के लिए बनाए जा रहे दबाव के खिलाफ सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए स्कूलों की कथित लूट पर रोक लगाने की मांग की।
बताया गया कि 26 मार्च को 6 सूत्रीय ज्ञापन दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से नाराज होकर फर्रुखाबाद विकासखंड के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने धरना प्रदर्शन की घोषणा की थी। तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
धरने में उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट की महिला सभा की जिलाध्यक्ष सोनी शुक्ला के नेतृत्व में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने “हर जोर-जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है”, “प्राइवेट स्कूलों की लूट बंद करो”, “भ्रष्ट स्कूल प्रशासन मुर्दाबाद” जैसे नारों के साथ विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट और अपर जिलाधिकारी को वार्ता के लिए भेजा गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने वार्ता और ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। बाद में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी स्वयं मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भईयन मिश्रा, अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला प्रमुख महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल और वरिष्ठ समाजसेवी केशव भान साध ने आरोप लगाया कि जनपद के अधिकांश प्राइवेट स्कूल अभिभावकों को जबरन महंगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जबकि सरकार द्वारा ऐसी पुस्तकों पर रोक लगाई जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किए जाएंगे कि कोई भी विद्यालय प्राइवेट पब्लिकेशन की पुस्तकें लागू नहीं करेगा। यदि कोई स्कूल या दुकानदार ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे केवल निर्धारित पुस्तकों की ही खरीद करें और किसी भी प्रकार के दबाव की शिकायत प्रशासन से करें।
वार्ता के बाद अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संगठन के कार्यकर्ता बुक स्टालों पर जांच अभियान चलाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
वरिष्ठ समाजसेवी केशव भान साध ने जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है, लेकिन कोई आवाज उठाने वाला नहीं है। वहीं आचार्य अमरीश जी महाराज ने कहा कि महंगी शिक्षा व्यवस्था के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
धरना प्रदर्शन में विनोद गुप्ता (पूर्व मैनेजर एसबीआई), सतीश दीक्षित, सभासद उमेश जाटव, कृष्ण कुमार शर्मा, शशांक मिश्रा, रामदास गुप्ता, राजीव वर्मा, अनिल कश्यप, जितेंद्र कन्नौजिया, हेमंत शाक्य, अनूप प्रधान, रामवीर शुक्ला, निशित दुबे, रोहन कश्यप, सनी बाथम, आलोक मिश्रा, आयुष सक्सेना, डॉ. पंकज राठौर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कलेक्ट्रेट में उबाल, अभिभावकों का फूटा गुस्सा


