फर्रुखाबाद। जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों से की जा रही कथित लूट और जबरन प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें व ड्रेस खरीदवाने के मामलों पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की टेढ़ी नजर पड़ते ही पूरे शिक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी विद्यालय छात्र-छात्राओं को कॉपी, किताबें, ड्रेस, बेल्ट, टाई, जूते आदि विद्यालय से ही खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। साथ ही एनसीईआरटी के स्थान पर अन्य पब्लिकेशन की किताबें लागू करने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को मिली शिकायतों में सामने आया था कि कई निजी विद्यालय अभिभावकों पर दबाव बनाकर महंगी किताबें और सामग्री खरीदने को मजबूर कर रहे हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 का हवाला देते हुए कहा गया है कि सभी विद्यालय निर्धारित नियमों के अनुसार ही शुल्क और प्रवेश प्रक्रिया अपनाएं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य सीधे जिम्मेदार होंगे।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय आदेशों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की शिकायत सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचाएं।
डीएम की इस सख्ती के बाद जनपद के निजी स्कूलों में हड़कंप की स्थिति है, वहीं अभिभावकों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी की टेढ़ी नजर के बाद सख्ती, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर कसा शिकंजा


