लाहौर
पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में बड़ा विवाद सामने आया है, जहां लाहौर कलंदर्स की टीम पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा है। इस इवेंट की टीम की 5 रन की पेनल्टी भी जारी की गई, जिसका सीधा असर मैच के नतीजों पर पड़ा।
यह मामला 29 मार्च को चर्च में सामने आया, जहां कराची किंग्स और लाहौर कलेंडर्स का उद्घाटन हुआ था। मैच के आखिरी ओवर से ठीक पहले कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया।
असल में, दूसरी पारी के 19 वें ओवर के बाद जब कराची को 14 रन की जीत मिली, तब शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ और फखर जमान ने एक साथ गेंद को पास के क्षेत्र और बारी-बारी से गेंद को हाथ में लिया।
मैदान पर मौजूद अंपायर ने इस गतिविधि को संदेहस्पद पाया और तुरंत गेंद को चेक किया। जांच के बाद अंपायर ने बॉल टेम्परिंग का फैसला सुनाते हुए लाहौर कलेंडर्स पर 5 रन की पेनल्टी लगा दी।
इस पेनल्टी के बाद मैच का स्कोर पूरी तरह से बदल गया। कराची किंग्स को जीत के लिए 14 रन की जगह सिर्फ 9 रन चाहिए थे, जबकि टीम ने 3 गेंद शेष 4 विकेट से जीत हासिल की।
मैच के बाद लाहौर कलेंडर्स के कप्तान रॉयलन अफरीदी इस तरह नाराज नजर आए। उन्होंने प्रेजेंटेशन में कहा कि टीम इस फैसले पर आगे चलकर अंपायर से बात करेगी और स्थिति को समझने की कोशिश करेगी।
क्रिकेट के फाइनल में, अगर बॉल टेंपरिंग साबित होती है, तो बॉल को 5 रन दिए जाते हैं और बॉल को बदल दिया जाता है। इस नियम को खेल की सामाग्री बनाए रखने के लिए बेहद सख्त माना जाता है।
बॉल टेम्परिंग का मतलब होता है बॉल के एक हिस्से को खराब या चमकीला बनाना, जिससे खिलाड़ियों को अतिरिक्त मदद मिल सके। यह क्रिकेट में ओपन के खिलाफ है।
ऐसे विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं। साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया टीम से स्टोरी सैंडपेपर स्कैंडल काफी चर्चा में रहा, जिसमें प्लेयर्स पर सीक्वल एक्शन की बात कही गई थी।
इस मामले में अंतिम निर्णय बाकी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अनुसार, खिलाड़ियों की समीक्षा जारी है और अगले 48 घंटों में इस विवाद पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।


