औरैया। जिले के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो स्थानीय समाज में राष्ट्रीय चेतना और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम जनता महाविद्यालय से प्रारंभ हुआ, जहां स्वयंसेवकों ने दंड लेकर एकत्रित होकर पथ संचलन की शुरुआत की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में ही स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। मार्ग पर खड़े लोग स्वयंसेवकों पर फूलों की वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन कर रहे थे। यह दृश्य दर्शाता है कि स्थानीय समाज में इस तरह के सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों को लेकर सकारात्मक भावनाएं मौजूद हैं। पथ संचलन अजीतमल तिराहा होते हुए बाबरपुर की ओर बढ़ा और अंत में बाबरपुर स्थित अभिनंदन गेस्ट हाउस पर जाकर समापन हुआ।
हालांकि, पथ संचलन में स्वयंसेवकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। आयोजकों ने बताया कि इस कमी का मुख्य कारण यूजीसी द्वारा उठाए गए विरोध और प्रतिबंध हैं, जिसके चलते कई स्वयंसेवक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाहरी व्यवधान और विरोध कार्यक्रम की सफलता और व्यापक भागीदारी पर असर डाल सकते हैं।
स्वयंसेवकों ने कहा कि इस पथ संचलन का उद्देश्य समाज में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक समर्पण की भावना फैलाना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों में अधिक सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और आवश्यक अनुमति प्राप्त कर आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता के लिए इस तरह के पथ संचलन समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे।
स्थानीय प्रशासन ने भी पथ संचलन के दौरान सुरक्षा और व्यवधान रहित संचालन सुनिश्चित किया। मार्ग में यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया और सुरक्षा बलों ने सुनिश्चित किया कि पथ संचलन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी या दुर्घटना न हो। इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों को कार्यक्रम की जानकारी समय रहते दी गई, जिससे उनकी सहभागिता और जागरूकता बढ़ी।
पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने अपने संदेशों और नारों के माध्यम से समाज में अनुशासन, नैतिकता और देशभक्ति की भावना को उजागर किया। उन्होंने यह बताया कि ऐसे कार्यक्रम न केवल राष्ट्रीय चेतना को बढ़ाते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी में सामाजिक जिम्मेदारी और समर्पण की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।
इस कार्यक्रम ने अजीतमल और बाबरपुर के स्थानीय समाज में उत्साह और सक्रिय भागीदारी की भावना को भी जागृत किया। लोगों ने स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें सम्मानित किया। इसके साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी केवल संख्या में नहीं, बल्कि जागरूकता और जिम्मेदारी में भी मापी जाती है।
पथ संचलन के समापन समारोह में उपस्थित स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए और कहा कि भविष्य में इस तरह के आयोजन और भी प्रभावी और व्यापक रूप से किए जाएंगे। उन्होंने स्थानीय युवाओं को भी प्रेरित किया कि वे इस तरह के सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।
इस आयोजन ने स्थानीय नागरिकों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों और समाज में योगदान को पुनः सामने लाने का प्रयास किया। इसके माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता में संगठन की तैयारी, स्थानीय प्रशासन का सहयोग और जनता की सहभागिता सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


