नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड के जरिए देश और दुनिया के लोगों को संबोधित किया। वर्ष 2026 के तीसरे प्रसारण में प्रधानमंत्री ने वैश्विक हालात, पड़ोसी क्षेत्र में जारी युद्ध, ऊर्जा संकट, अफवाहों के खतरे, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, युवाओं की भूमिका और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने देशवासियों से संयम, जागरूकता और एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
पड़ोस में युद्ध और ऊर्जा संकट पर चिंता
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भारत के पड़ोस में भीषण युद्ध की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। खासतौर पर ऊर्जा क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिससे पेट्रोल और डीजल को लेकर वैश्विक संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी मजबूत विदेश नीति और वैश्विक संबंधों के कारण इस चुनौती का डटकर सामना कर रहा है, लेकिन यह समय सावधानी और एकजुटता का है।
अफवाहों से बचने की अपील
पीएम मोदी ने देशवासियों को चेताया कि ऐसे संवेदनशील समय में अफवाहें फैलाना देशहित के खिलाफ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल सरकार द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक खबर से दूर रहें। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की एकजुटता ही देश को हर संकट से बाहर निकाल सकती है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ और पर्यावरण संरक्षण
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि देशभर में करोड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं। वाराणसी में एक घंटे में 2.51 लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने इसे जनभागीदारी की शक्ति का प्रतीक बताया।
जल संरक्षण बना जन आंदोलन
गर्मी के मौसम को देखते हुए पीएम ने जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देशभर में करीब 50 लाख जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं और ‘अमृत सरोवर’ अभियान के तहत 70 हजार से अधिक तालाब विकसित किए गए हैं। त्रिपुरा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब गांव-गांव में जल संरक्षण जन आंदोलन बन चुका है।
खेलों में उपलब्धियों पर गर्व
प्रधानमंत्री ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत और जम्मू-कश्मीर की टीम द्वारा 7 दशक बाद रणजी ट्रॉफी जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सफलता युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी और देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाएगी।
युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की भागीदारी से राष्ट्र निर्माण को नई दिशा मिल रही है। ‘MY Bharat’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को नीति निर्माण और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने युवाओं के विचारों की सराहना करते हुए उन्हें देश की ताकत बताया।
संस्कृति और विरासत के संरक्षण की पहल
प्रधानमंत्री ने ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ का उल्लेख करते हुए देशवासियों से अपील की कि वे अपनी पुरानी पांडुलिपियों की जानकारी साझा करें। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों ऐतिहासिक दस्तावेज सामने आए हैं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
फिटनेस और स्वास्थ्य पर जोर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आने का जिक्र करते हुए पीएम ने लोगों से फिटनेस पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर शुगर और तेल के सेवन में 10 प्रतिशत कटौती करने की सलाह दी और इसे स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी बताया।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन में जहां एक ओर वैश्विक चुनौतियों को लेकर चिंता झलकी, वहीं दूसरी ओर देश के सामर्थ्य, जनभागीदारी और सकारात्मक प्रयासों पर भरोसा भी दिखाई दिया। उन्होंने अंत में देशवासियों से हर परिस्थिति में एकजुट रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।


