औरैया । जिला विज्ञान क्लब के तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत छात्र-छात्राओं को कानपुर स्थित शिक्षा सोपान आश्रम, आईआईटी एवं विभिन्न औद्योगिक संस्थानों का दौरा कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उसे वास्तविक प्रयोगों और औद्योगिक प्रक्रियाओं के माध्यम से नजदीक से समझा।
भ्रमण के दौरान छात्रों को भौतिकी और रसायन विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों का व्यवहारिक रूप देखने का अवसर मिला। उन्होंने जाना कि किस प्रकार वैज्ञानिक सिद्धांतों का उपयोग उद्योगों में उत्पाद निर्माण और तकनीकी विकास के लिए किया जाता है। इससे छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि और जिज्ञासा और अधिक बढ़ी।
कार्यक्रम पद्मश्री प्रोफेसर एच.सी. वर्मा के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें विज्ञान विशेषज्ञों की टीम ने छात्रों को विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल और रोचक ढंग से समझाया। विशेषज्ञ रितेश कुमार, रंजीत कुमार, योगेश झा और हिमांशु ने वायु दाब, आवृत्ति, प्रकाश प्रकीर्णन, आरजीबी प्रभाव, ऑर्गन पाइप, गुरुत्वाकर्षण नियम, दोलन गति, आसुत जल निर्माण, इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज और प्रक्षेप गति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रयोग एवं प्रदर्शन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
इसके अलावा, आईआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर डॉ. अनुराग त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को बेहद सहज भाषा में समझाया और उन्हें अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
भ्रमण के दौरान छात्रों को स्पिन नैनो टेक कंपनी भी ले जाया गया, जहां कंपनी के फाउंडर एवं सीईओ ने उन्हें औद्योगिक क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। छात्रों को इलेक्ट्रो स्पिनिंग मशीन, नैनो फाइबर मशीन, मेल्ट स्पिनिंग मशीन सहित हाई वोल्टेज तकनीक द्वारा केमिकल से फाइबर बनाने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इस अनुभव ने छात्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की कार्यप्रणाली को करीब से जानने का अवसर प्रदान किया।
इस शैक्षिक यात्रा के दौरान जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक मोहित सिंह के साथ रामेंद्र कुशवाहा, मुहीत सिद्दीकी, ज्ञान प्रकाश, विकास सक्सेना, शिववीर सेंगर, कमलकांत, प्रीति त्रिपाठी, सुमित नारायण सहित विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना, उन्हें शोध एवं नवाचार की दिशा में प्रेरित करना तथा औद्योगिक क्षेत्र में करियर के नए अवसरों से परिचित कराना रहा। इस भ्रमण के बाद विद्यार्थियों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।


