मोहम्मदाबाद: कस्बा मोहम्मदाबाद स्थित जामा मस्जिद नूरी में रमज़ान माह के तीसरे अशरे में पड़े पांचवे अलविदा जुमे की नमाज़ अकीदत व श्रद्धा के साथ अदा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने नमाज़ अदा कर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
मस्जिद के इमाम नरूल हसन क़िब्ला ने नमाज़ से पूर्व अपने संबोधन में रोज़ा, जकात और सदका-ए-फितरा की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रोज़ा रखने से इंसान अपने शरीर की शुद्धि करता है, उसी प्रकार अपने माल में से जकात निकालने से धन पाक होता है और जरूरतमंदों की मदद भी होती है।
साथ ही हिदायत दी कि ईद उल फितर को नवाज़ से पहले जकात और फितरा अदा कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सक्षम मुसलमान पर सदका-ए-फितरा देना आवश्यक है, ताकि गरीब और असहाय लोगों को भी ईद की खुशियों में शामिल होने का अवसर मिल सके।
इमाम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सबसे पहले अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद पड़ोसियों की सहायता करें, चाहे वह किसी भी धर्म के हों। इसके बाद गरीब रिश्तेदारों, अनाथों और असहाय लोगों की मदद करना भी समाज के प्रति जिम्मेदारी है।
वही ईद के नवाज वेबर रोड पर स्थित ईदगाह में सुबह 8:30 बजे होगी। अलविदा जुमे की नमाज़ को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और उनकी देखरेख में नमाज़ शांतिपूर्वक संपन्न हुई।


