नई दिल्ली। भारत सरकार ने वरिष्ठ IFS अधिकारी विक्रम के . दौरास्वामी (1992 बैच) को चाइना में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है।
वर्तमान में वह यूनाइटेड किंगडम में भारत के हाई कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं और अपने कूटनीतिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
यह नियुक्ति ऐसे समय में की गई है, जब भारत-चीन संबंध कूटनीतिक और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम दौर से गुजर रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और वैश्विक मंचों पर बदलते समीकरणों के बीच यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के इस निर्णय को रणनीतिक रूप से अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रम दोराइसवामी का अनुभव और कूटनीतिक समझ भारत-चीन संबंधों को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी नियुक्ति के बाद दोनों देशों के रिश्तों में क्या बदलाव आता है और कूटनीतिक स्तर पर कौन से नए समीकरण बनते हैं।
विक्रम के. दोराइसवामी बने चीन में भारत के नए राजदूत


