आवास और शौचालय की मांग को लेकर महिलाओं ने कलेक्ट्रेट में लगाई गुहार
औरैया। जनपद के सहार क्षेत्र अंतर्गत गांव जगदीशपुर डेरा में रहने वाले नाथ संप्रदाय के दर्जनों परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। आवास और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित इन परिवारों की महिलाएं बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।
महिलाओं ने बताया कि गांव में लगभग 40 से 50 परिवार निवास करते हैं, जिनमें अधिकांश लोग कच्चे मकानों और झोपड़ियों में रह रहे हैं। बरसात के मौसम में इन झोपड़ियों में पानी भर जाता है, जबकि सर्दियों में ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त साधन नहीं होते। कई परिवारों के पास सुरक्षित छत तक नहीं है, जिससे उनका जीवन हमेशा जोखिम में बना रहता है।
ग्रामीण महिलाओं ने यह भी बताया कि गांव में शौचालय की सुविधा न होने के कारण आज भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इसे गरिमा और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर समस्या बताया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी समस्या रखने वाली महिलाओं में सुखदेवी, पूजा, कविता, लक्ष्मी, प्रियंका, आरती, नारायणी, रामबेटी, आशा, पूनम, उमा देवी, शिवानी और सुधा सहित एक दर्जन से अधिक महिलाएं शामिल रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी सहार, राजनारायण पांडेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारियों को मौके पर भेजकर स्थिति की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है, ताकि उन्हें भी सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।


